Special Mention in Press for Community Work
स्थानीय छात्रा मायशा कोठारी ने कानपुर के बाल आश्रय गृह में रचा परिवर्तन की मिसाल
रीडिंग रूम की स्थापना कर बच्चों में जगाई पढ़ने की प्रेरणा, ‘मायशा दीदी’ बन गईं सबकी प्रिय साथी
कानपुर। आज के समय में जब अधिकतर युवा अपनी पढ़ाई और करियर निर्माण में व्यस्त रहते हैं, वहीं हाई स्कूल की छात्रा मायशा कोठारी ने समाजसेवा का मार्ग चुनते हुए वंचित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल की है। कानपुर स्थित बिरसा मुंडा वनवासी छात्रावास में स्वयंसेवक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने न केवल बच्चों का विश्वास जीता, बल्कि उनके विकास के लिए ठोस कदम भी उठाए।